रविवार, 9 मार्च 2014

दाग  अच्छे हैं ! 

चुनाव के  मौसम  में !

उभर उभर कर  कहते हैं अपनी कहानी  !

किसने  गुजारी धुलने  में जवानी  !

अब तो समझो  इनकी  जुबानी   !

अगर धोओगे तो  फिर  पछताओगे  !

पहले ही कम है देश  में  पानी   !

क्यूँ  छेड़ते  हो राग  नया  !

अरे सुनो  वही धुन पुरनी  !

दाग अच्छे  है !

मत करो  नादानी  ! 

इस में  किसी षड्यंत्र  / बाहरी  ताकतों  का हाथ लगता है   आप  को  !!!! 

निरमा   !  गुजरात मैं बनता है !

सर्फ  का प्लांट भी है  वहाँ एक !

ऐरियल  !   दबंग  दबंग  !

घडी का अभी वो रुतबा नहीं नहीं !

वहा  री  राजनीती  ! 

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